
अगर आप सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने या सड़क किनारे पेशाब करने जैसी आदत रखते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। केंद्र सरकार एक नया कानून लाने की तैयारी में है, जिसके लागू होते ही ऐसे काम आपकी जेब पर भारी पड़ सकते हैं।
संसद में जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया है। इस विधेयक के तहत सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने, कूड़ा-कचरा फैलाने या दुर्गंध वाले अपशिष्ट फेंकने पर जुर्माना बढ़ाकर 500 रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में यह जुर्माना मात्र 50 रुपये है।
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में यह बिल पेश करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य पुराने कानूनों को सरल बनाना और सजा की जगह पेनल्टी आधारित व्यवस्था लागू करना है। इस प्रस्ताव के तहत दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 और नई दिल्ली नगर परिषद अधिनियम, 1994 में संशोधन किए जाएंगे।
किस नियम के उल्लंघन पर कितना जुर्माना?
नए नियमों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर गंदगी करता है और उसे नहीं हटाता, तो पहली बार चेतावनी दी जाएगी। लेकिन दोबारा ऐसा करने पर 500 रुपये का जुर्माना देना होगा।
इसके अलावा, बिना लाइसेंस के चाय की दुकान, ढाबा या लॉजिंग हाउस चलाने पर अब 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जो पहले केवल 100 रुपये था।
इतना ही नहीं, कुत्ते को बिना पट्टे के घुमाने पर जुर्माना 50 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये तक किया जा सकता है। वहीं, घर का नंबर खराब करने, खतरनाक इमारत खाली न करने या बिना अनुमति सड़क पर निर्माण करने जैसे मामलों में भी जुर्माने की राशि कई गुना बढ़ाने का प्रस्ताव है।
आम लोगों को राहत भी
सरकार ने सख्ती के साथ-साथ राहत देने का भी प्रयास किया है। छोटे-मोटे उल्लंघनों के लिए जेल की सजा खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया है। यानी अब ऐसे मामलों में सिर्फ जुर्माना देना होगा, जेल नहीं जाना पड़ेगा।
नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) क्षेत्र में भी इसी तरह के नियम लागू किए जाएंगे। बिना लाइसेंस व्यापार करने पर पहली बार चेतावनी और दूसरी बार जुर्माना लगेगा। इसके अलावा प्रॉपर्टी टैक्स की दरों में भी कमी करने की योजना पर काम चल रहा है।
निष्कर्ष:
सरकार इस नए कानून के जरिए साफ-सफाई को बढ़ावा देने और नियमों का सख्ती से पालन कराने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। साफ है कि अब सार्वजनिक स्थानों पर लापरवाही करना महंगा पड़ सकता है, इसलिए दिल्लीवालों को अभी से सतर्क रहने की जरूरत है।
