
एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के सक्षम नेतृत्व में खन्ना पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जबरन वसूली, धमकी और व्यापारी की दुकान पर फायरिंग करने वाले गिरोह के चार और सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह कार्रवाई 14 अप्रैल 2026 को पायल की अनाज मंडी में एक आढ़ती की दुकान पर हुई फायरिंग की घटना के संबंध में की गई है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
विदेश से रची जा रही थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस वारदात के मुख्य आरोपी शगनप्रीत सिंह (गायक सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर), उसका भाई जगप्रीत सिंह और गैंगस्टर डोनी बल्ल हैं, जो विदेश (ऑस्ट्रेलिया) में बैठकर पूरी साजिश रच रहे थे।
आरोपियों के परिवार के सदस्य भारत में रहकर उन्हें जानकारी देते थे और गिरोह के अन्य सदस्य उनके निर्देशों पर वारदात को अंजाम देते थे।
ऐसे हुआ खुलासा
जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ा, जिसने भागने की कोशिश की लेकिन घायल होकर गिर पड़ा। उसकी पहचान ओमेश कुमार उर्फ छागा के रूप में हुई। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपने साथी गौरव उर्फ गोला के साथ मिलकर फायरिंग की थी।
पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले आरोपियों ने दुकान की रेकी की थी और पूरी योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया। सभी आरोपी घटना से पहले ओमेश के घर इकट्ठा हुए थे और फोन पर शगनप्रीत से संपर्क में थे।
पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई
इस ऑपरेशन को एसपी (डी) पवनजीत सिंह और डीएसपी (डी) मोहित कुमार सिंगला की अगुवाई में अंजाम दिया गया। सीआईए स्टाफ, थाना पायल, दोराहा और नारकोटिक सेल की टीमों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में शगनप्रीत के पिता सौदागर सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल चार अन्य आरोपियों को भी काबू किया जा चुका है और उनसे पूछताछ जारी है।
एसएसपी की चेतावनी
एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने कहा कि खन्ना पुलिस किसी भी अपराधी को बख्शेगी नहीं। उन्होंने कहा कि इलाके में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धमकी भरे कॉल की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
