
उम्मीदवारी से पहले ही गुटबाजी उजागर, वार्ड 22 बना सियासी जंग का मैदान
धर्मेंद्र सिंह/ गुरदीप सिंह। खन्ना
खन्ना नगर कौंसिल चुनावों की आहट के साथ ही कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी हालात अब खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है, लेकिन उससे पहले ही दावेदारों के बीच खींचतान और गुटबंदी तेज हो गई है। सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड नंबर 22 को लेकर है, जहां से कांग्रेस के दो मजबूत चेहरे खुद को उम्मीदवार बताकर मैदान में उतर चुके हैं।एक तरफ कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष अमन कटारिया हैं, तो दूसरी तरफ एक बार चुनाव जीत चुके परिवार से जुड़े कांग्रेसी नेता रणवीर सिंह काका भी इसी वार्ड से अपनी दावेदारी जता रहे हैं। दोनों नेता न सिर्फ अपने-अपने समर्थकों के साथ सक्रिय हो चुके हैं, बल्कि इलाके में बैठकों और जनसंपर्क अभियान भी शुरू कर चुके हैं। रणवीर सिंह काका की पत्नी अमनप्रीत कौर मौजूदा पार्षद हैं। वार्ड नंबर 25 (पुरानी वार्डबंदी) से पार्षद हैं। अमन कटारिया ने शुरू की बैठकों की श्रृंखला, सोशल मीडिया पर किया शक्ति प्रदर्शनजिला उपाध्यक्ष अमन कटारिया ने वार्ड नंबर 22 से अपनी दावेदारी को मजबूत करते हुए क्षेत्र में मीटिंगों का दौर शुरू कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर यह संकेत दे दिया कि वे खुद को इस वार्ड का अधिकृत उम्मीदवार मान रहे हैं। कटारिया ने अपने संदेश में कहा कि वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर उन्होंने वार्ड के प्रमुख लोगों और परिवारों के साथ बैठकें शुरू की हैं, जिनमें चुनाव को लेकर चर्चा की जा रही है।राजनीतिक जानकारों की मानें तो कटारिया का यह कदम पार्टी हाईकमान तक अपनी पकड़ और समर्थन दिखाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।रणवीर सिंह काका भी मैदान में सक्रिय, नए वार्ड गठन का दिया हवालावहीं दूसरी ओर, पुरानी वार्डबंदी में वार्ड नंबर 25 से जुड़े रहे कांग्रेसी नेता रणवीर सिंह काका भी अब नए परिसीमन के बाद बने वार्ड नंबर 22 से खुद को उम्मीदवार बता रहे हैं। उन्होंने भी लोगों के बीच जाकर प्रचार शुरू कर दिया है और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं।रणवीर सिंह का कहना है कि पार्टी हाईकमान और वरिष्ठ नेतृत्व ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है। उन्होंने दावा किया कि नए वार्ड नंबर 22 में पुराने वार्ड 25 का बड़ा हिस्सा (करीब 60 फीसदी) शामिल है, साथ ही अन्य वार्डों के कुछ इलाके भी जोड़े गए हैं। ऐसे में वे इस वार्ड से स्वाभाविक दावेदार हैं और पिछले पांच वर्षों की तरह ही जनता की सेवा जारी रखेंगे। उनका यह भी कहना है कि जिस तरह उन्होंने पहले अपने वार्ड में काम किया, उसी तरह अब नए वार्ड में भी लोगों को परिवार मानकर सेवा करेंगे।पार्टी की चुप्पी ने बढ़ाई असमंजस की स्थितिइन दोनों नेताओं की सक्रियता ने कांग्रेस के अंदर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। कार्यकर्ता भी दो गुटों में बंटते नजर आ रहे हैं, जिससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चुनाव से पहले इस तरह की स्थिति विपक्षी दलों को भी कांग्रेस पर हमला करने का मौका दे सकती है।ब्लॉक अध्यक्ष बोले—अभी कोई उम्मीदवार घोषित नहींइस पूरे मामले पर कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष (शहरी) एडवोकेट राजीव राय मेहता ने साफ किया कि पार्टी ने अभी तक किसी भी उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों के चयन के लिए 31 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है और जल्द ही उसकी बैठक होने वाली है। बैठक के बाद ही पार्टी की ओर से अधिकृत सूची जारी की जाएगी।आगे क्या?खन्ना में कांग्रेस के अंदर शुरू हुई यह खींचतान आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। अब सबकी नजर पार्टी हाईकमान पर टिकी है कि वह किसे टिकट देती है और किस तरह इस अंदरूनी टकराव को संभालती है। अगर समय रहते मामला नहीं सुलझा, तो इसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है।
