
फैंसी ड्रेस और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए बच्चों को जोड़ने की सराहनीय पहल
ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं – प्रिंसिपल मीनाक्षी फुल
खन्ना के स्वामी छगनलाल लाला हंसराज जैन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बैसाखी का पर्व बड़े ही उल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। खास तौर पर नर्सरी कक्षा के बच्चों के लिए आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें बच्चों ने विभिन्न पारंपरिक वेशभूषाओं में सजकर बैसाखी की झलक पेश की।कार्यक्रम की शुरुआत बैसाखी के महत्व को समझाने के साथ हुई। शिक्षकों ने बहुत सरल और रोचक तरीके से बच्चों को बताया कि बैसाखी केवल फसल कटाई का त्योहार नहीं है, बल्कि यह खुशहाली, नई शुरुआत और आपसी प्रेम-भाईचारे का प्रतीक भी है। छोटे-छोटे बच्चों ने इन बातों को बड़ी उत्सुकता के साथ सुना और अपने अभिनय के माध्यम से मंच पर उतारा।स्कूल का माहौल रंग-बिरंगी पोशाकों, पारंपरिक गीतों और बच्चों की खिलखिलाहट से पूरी तरह जीवंत नजर आया। किसी ने किसान बनकर फसल कटाई का दृश्य प्रस्तुत किया, तो कोई पंजाबी संस्कृति की झलक दिखाता नजर आया। बच्चों की मासूम अदाएं और आत्मविश्वास देखकर वहां मौजूद अभिभावक और शिक्षक भाव-विभोर हो उठे।स्कूल की प्रिंसीपल मीनाक्षी फुल ने इस अवसर पर बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, “इस तरह के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब हम छोटे बच्चों को खेल-खेल में अपने त्योहारों और परंपराओं से जोड़ते हैं, तो उनमें अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान और जुड़ाव स्वतः विकसित होता है। हमारा प्रयास हमेशा यही रहता है कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों से भी समृद्ध किया जाए।”प्रिं. मीनाक्षी फुल ने आगे कहा कि स्कूल का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को एक अच्छा इंसान बनाना भी उतना ही जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उनमें मंच पर अपनी बात रखने की हिम्मत पैदा करते हैं।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी बच्चों को उनकी शानदार प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित किया गया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन भी बच्चों के उत्साह से काफी प्रभावित नजर आया।स्कूल के प्रधान अनिल जैन और सचिव राकेश बंसल ने भी बच्चों को बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने का बेहतरीन माध्यम हैं।कुल मिलाकर, जैन स्कूल में मनाया गया बैसाखी उत्सव न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम था, बल्कि यह बच्चों को अपनी परंपराओं से जोड़ने और उनमें आत्मविश्वास भरने की एक प्रेरणादायक पहल भी साबित हुआ।
