
कालीराव के घर के पास बनाई नई दुकानों पर नगर कौंसिल ने कार्रवाई करते हुए चला पीला पंजा (जेसीबी)
खन्ना में करीब 10 दिन पहले आम आदमी पार्टी छोड़कर शिरोमणि अकाली दल में शामिल हुए पार्षद सर्वदीप सिंह कालीराव के घर के पास बनाई गई नई दुकानों पर नगर कौंसिल ने कार्रवाई करते हुए पीला पंजा (जेसीबी) चला दिया। यह कार्रवाई बिलां वाली छप्पड़ी इलाके में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई, जहां दुकानों को पूरी तरह तोड़ दिया गया। किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए पुलिस जिला खन्ना के तीन डीएसपी, चार एसएचओ समेत भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही। इस कार्रवाई के विरोध में शिरोमणि अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पहले जेसीबी और अन्य मशीनों को घेरकर नारेबाजी की गई और पंजाब सरकार पर धक्केशाही (जबरदस्ती) के आरोप लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई रुकवाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन हटाकर नगर कौंसिल की टीम को कार्रवाई पूरी करने का रास्ता दिया और मशीनों से दुकानों को गिरा दिया गया।शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज यादविंदर सिंह यादू ने खन्ना के विधायक और कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद पर बदले की राजनीति करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब सर्वदीप सिंह कालीराव आम आदमी पार्टी में थे, तब किसी को कोई अवैध निर्माण नजर नहीं आया। लेकिन जैसे ही उन्होंने अकाली दल जॉइन किया और नगर कौंसिल चुनाव लड़ने का ऐलान किया, तुरंत कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना कोई नोटिस दिए यह कदम उठाया गया है। यादू ने कहा कि चाहे जितना दबाव बनाया जाए, वे पीछे नहीं हटेंगे। 21 के 51 वापस करेंगे। पार्षद सर्वदीप सिंह कालीराव ने भी इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि इसी जगह पर पहले आम आदमी पार्टी की “नशे के खिलाफ अभियान” के तहत मीटिंग भी हुई थी, जिसमें कैबिनेट मंत्री सौंद खुद मौजूद थे। उस समय उन्होंने खुद बताया था कि यहां ऑफिस बनाया जा रहा है, लेकिन अब पार्टी बदलने के बाद कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जानबूझकर नक्शा पास नहीं किया गया और कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। कालीराव ने कहा कि अब वे और मजबूती से चुनाव मैदान में उतरेंगे।अकाली नेता हनी रोशा ने भी इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि इसका जवाब जरूर दिया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) चरणजीत सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट 1911 के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित निर्माण का नक्शा पास नहीं था, और जब यह मामला नगर कौंसिल के ध्यान में आया तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई। जब शहर में अन्य अवैध निर्माणों के बारे में सवाल किया गया तो ईओ ने कहा कि सभी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा।
