
चंडीगढ़ – हलवारा हवाई अड्डे को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के हालिया बयान को भ्रामक बताते हुए कहा कि कुछ “मौकापरस्त” केवल वही बातें दोहरा रहे हैं जो वे पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं।
अरोड़ा ने बताया कि 26 मार्च को लुधियाना में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि हलवारा हवाई अड्डे से उड़ानों की बुकिंग जल्द शुरू होने वाली है। उन्होंने हल्के अंदाज़ में कहा कि यही बात तीन दिन बाद दोहराई गई।
30 साल बाद शुरू हुआ संचालन
अरोड़ा ने दावा किया कि हलवारा हवाई अड्डे से उड़ानों की शुरुआत लगभग 30 वर्षों की देरी के बाद संभव हो पाई है और इसके पीछे उनके निरंतर प्रयास और विभिन्न स्तरों पर किए गए हस्तक्षेप प्रमुख कारण रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि पंजाब के औद्योगिक विकास—खासकर लुधियाना क्षेत्र—को नई दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
मुख्य घटनाक्रम (टाइमलाइन)
- नवंबर 2022 में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के हस्तक्षेप से परियोजना को गति मिली
- दिसंबर 2022 में निर्माण कार्य के लिए 50 करोड़ रुपये जारी किए गए
- 2023 में नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरलाइनों से लगातार संपर्क कर उड़ानें शुरू करने की मांग उठाई गई
- 2024 में टर्मिनल निर्माण और संचालन को लेकर कई उच्च स्तरीय बैठकें और निरीक्षण किए गए
- फरवरी 2025 में हलवारा को एयरपोर्ट कोड “HWR” प्राप्त हुआ
- जनवरी 2026 में सुरक्षा ऑडिट पूरा हुआ और संचालन की मंजूरी मिली
- 1 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टर्मिनल भवन का वर्चुअल उद्घाटन किया
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
अरोड़ा ने कहा कि हलवारा हवाई अड्डे के शुरू होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा, यात्रा समय कम होगा और उद्योग, निर्यात तथा निवेश को बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से लुधियाना जैसे औद्योगिक केंद्र को इसका बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी जोर दिया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एयरलाइंस और पंजाब सरकार के बीच बेहतर समन्वय के चलते यह लंबे समय से लंबित परियोजना आखिरकार साकार हो पाई।
निष्कर्ष
हलवारा हवाई अड्डे को लेकर जहां एक ओर उपलब्धियों का श्रेय लेने की होड़ दिख रही है, वहीं यह परियोजना पंजाब के इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
